भजन गायक नरेंद्र चंचल की जीवनी - Narendra chanchal biography in hindi

भजन के साम्राट narendra chanchal जी का जन्म 16 अक्टूबर, 1940 को अमृतसर के नामक मंडी में एक धार्मिक पंजाबी हिंदू परिवार में हुआ था! वह एक धार्मिक माहौल में बड़े हुए! 

आज हम आपको (Narendra Chanchal Biography In Hindi) के बारे में विस्तर रूप से बतायगे! जिसने उन्हें भजन bhajan  और आरती aarti गाना शुरू करने के लिए प्रेरित किया। नरेंद्र के बचपन का नाम चंचल था! बचपन में वे शरारती और चंचल स्वभाव के रहे थे। 


बस यही वजह थी, कि उनके घर वालों ने उनके चंचल स्वभाव को देखते हुए, चंचल कहकर बुलाना शुरू कर दिया था। बाद में उन्होंने अपने नाम के साथ हमेशा के लिए चंचल जोड़ लिया! तब से उनको नरेंद्र चंचल narendara chanchal नाम से जाना जाने लगा! आइये अब जानते हैं:-

(Narendra Chanchal Biography In Hindi) नरेंद्र चंचल जीवन परिचय

जन्म   16 अक्टूबर, 1940 को जन्म अमृतसर, भारत
मृत्यु   22 जनवरी, 2021 को नई दिल्ली
age of narendra chanchal (80 वर्ष की आयु)
राष्ट्रीयता / नागरिकता  भारतीय
पेशा  गायक
पत्नी  नम्रता चंचल 
पिता चेत राम खरबंदा
माता कैलाश वती
Narendra chanchal death आयु-संबंधित बीमारी


पारिवारिक जीवन -
 उनकी मां का नाम kailashvati था, और पिता का नाम चेत राम खरबंदा था। उन्होंने 1976 में नम्रता चंचल से शादी कर ली! नरेंद्र जी की २ बेटे और १ बेटी है!

कार्य / व्यवसाय -

नरेंद्र जी ने सालों साल के संघर्ष के बाद,  1973 में  फिल्म बॉबी के लिए बॉलीवुड गीत बेशर्क मंदिर मस्जिद गाया और फिल्मफेयर बेस्ट मेल प्लेबैक अवार्ड (film fare best male playback award) अपने नाम किया। 

इतना ही नहीं, उन्होंने रोटी  कपडा और माकन जैसी बड़ी films के लिए भी गाने गए हैं! उन्होंने भक्ति गीतों की दुनिया में अपनी एक अनोखी पहचान बनाई। उन्होंने अमेरिकी राज्य जॉर्जिया (Georgia) की  नागरिकता भी प्राप्त कर ली।

narendra chanchal जी ने मिडनाइट सिंगर (midnight singer) नामक एक आत्मकथा जारी की है जो उनके जीवन, के  संघर्षों और कठिनाइयों के बारे में विस्तृत ढंग से बताती है! नरेंदर जी हर साल कटरा वैष्णो देवी का दौरा किया करते थे और प्रतिवर्ष वर्ष के अंतिम दिन वैष्णो देवी में अपने गायन singing  का प्रदर्शन किया करते थे।


Narendra chanchal death / अंतिम सफर - 
वह लंबे समय से बीमार थे और 22 जनवरी, 2021 को नई दिल्ली के अपोलो अस्पताल में लगभग दिन में 12:15 बजे उनका निधन हो गया।

वह 80 साल के थे। narendra chanchal पिछले तीन महीने से बीमार थे! और उनका इलाज चल रहा था।मेडिकल रिपोर्ट्स के मुताबिक, शुक्रवार दोपहर करीब 12.30 पर उन्होंने अंतिम सांस ली। गायक नरेंद्र चंचल के ब्रेन में क्लोटिंग थी।

नरेंद्र चंचल अपने पीछे दो बेटे और एक बेटी छोड़ गए हैं। उन्होंने कई प्रसिद्ध भजनों के साथ हिंदी फिल्मों में भी गाने गाए हैं। उन्होंने न सिर्फ शास्त्रीय संगीत में अपना नाम कमाया बल्कि लोक संगीत में भी लोगों की दिल जीता है!

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