4 अरबपति लूटरे, पूरे भारत में किया सबसे बड़ा घोटाला

अगर आपसे कुछ फ्रॉड बिजनेसमैन का नाम लेने को कहा जाए तो आपके दिमाग में विजय माल्या और नीरव मोदी का नाम जरूर आएगा। इन दोनों ने ही हजारों करोड़ों का घोटाला किया, जिसके बाद इन्हें भगोड़ा करार दे दिया गया। इन लोगों के फ्रॉड तो पूरी दुनिया में मशहूर हैं। तो चलिए आज हम आपको बिजनस वर्ल्ड के कुछ ऐसे बैड ब्वॉयज के नाम बताने जा रहे हैं, जिनके कारनामों का काला चिट्ठा काफी बड़ा है। यही नहीं इनमें से एक पर तो वेब सीरीज भी बनाई जा रही है।


विजय विट्टल माल्या

कभी भारत के सक्सेसफुल बिजनेसमैन रह चुके विजय विट्टल माल्या आज बहुत ही मुश्किल दौर का सामना कर रहा है। माल्या ने भारतीय स्टेट बैंक समेत 17 भारतीय बैंकों को कुल 9 हजार करोड़ रुपये से भी अधिक का चूना लगाया है। विजय माल्या की मुश्किलें किंगफिशर एयरलाइंस के नाकाम होने के साथ ही शुरू हो गई थी। एयलाइंस घाटे में डूबती नजर आ रही थी और माल्या ने भी इसे बंद करने की सोच ली थी।


VIJAY MALYA

विजय माल्या ने 9 हजार करोड़ से ज्यादा का किया घोटाला (फोटो- सोशल मीडिया)

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लेकिन साल 2010 में उन्होंने अपनी इस एयरलाइंस को एक नई जिंदगी देने के बारे में सोचा। लेकिन ये काम इतना आसान नहीं था, उन्होंने इसके लिए बैंकों से मोटा लोन लिया, जिसके बाद से विजय माल्या की मुश्किलें आज तक कम नहीं हुई। किंगफिशर आखिरकार 2012 में बंद हो गई, और उनका पूरा बिजनेस लगभग खत्म हो गया। मार्च 2013 तक इसका कुल घाटा 16,023 करोड़ तक पहुंच गया। इस बीच एक दिन खबर आई कि माल्या अपने परिवार के साथ लंदन चले गए हैं, जिसके बाद अदालत ने विजय माल्या को भगौड़ा घोषित कर दिया।


नीरव मोदी

हीरा कारोबारी नीरव मोदी का नाम भी आपने सुना ही होगा। बेल्जियम में पले-बढ़े नीरव का परिवार पीढ़ियों से हीरे का कारोबारी रहा है। इसलिए नीरव ने भी हीरे के कारोबार को संभाला। लेकिन इसके आड़ में वह काले कारनामे भी करता रहता था। नीरव ने पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के कुछ अधिकारियों के साथ मिलकर विदेशी सप्लायर्स के लिए फर्जी भुगतान पत्र बनवाए। अधिकारियों ने भी नियमों का उल्लंघन करते हुए नीरव मोदी को करीब 13 हजार करोड़ रुपये का लोन दे दिया।


जब उसके किए का पता सबको चला तो वह रातों-रात देश छोड़कर फरार हो गया। भगोड़े नीरव मोदी पर पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के साथ 14,000 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है। इस मामले में वह पिछले साल मई से लंदन की एक जेल में बंद है। वहीं मोदी सरकार अब इसी कोशिश में लगी है कि उसे देश वापस लाया जाए और उसे सजा देने के साथ-साथ धोखाधड़ी के पैसों की वसूली की जा सके।

कभी देश के ताकतवर लोगों में शुमार रहे सहारा इंडिया परिवार के मैनेजिंग डायरेक्टर (Managing Director) और चेयरमैन सुब्रत रॉय की कंपनी ने एक बहुत बड़ा फ्रॉड किया था। सुब्रत रॉय को एक वक्त पर भारतीय रेलवे के बाद देश का दूसरा सबसे बड़ा एंप्लॉयर भी कहा जाता था। लेकिन उनकी कंपनी ने जो फ्रॉड किया, उसने सभी के होश उड़ा कर रख दिए। सहारा ग्रुप की दो कंपनियों SIRECL और SHICL के जरिए कंपनी ने 2.25 करोड़ निवेशकों से करीब 24 हजार करोड़ रुपये उठाए। इसके बाद इन पैसों का कैसे और कहां इस्तेमाल किया गया इसका कोई रिकॉर्ड नहीं था।


सेबी (SEBI) को एक दिन शिकायत मिली कि सहारा ग्रुप अपनी कंपनियों के जरिए गलत तरीके से पैसे उठा रही है। वहीं जब अनियमितता पाया गया तो सेबी ने दोनों कंपनियों को बैन करके निवेशकों के पैसे 15 फीसदी रिटर्न के साथ वापस देने को कहा। वहीं जब मामले की जांच हुई तो पता चला कि कई निवेशक मिले ही नहीं। इसका मतलब ये है कि फर्जी निवेशकों के नाम पर मनी लॉन्ड्रिंग की गई। मामला एससी पहुंचने पर कोर्ट ने निवेशकों के पैसे सेबी में जमा करने को कहा। लेकिन एक किस्त के बाद बाकी दो किस्त नहीं दी गई।


जो पैसे सहारा ग्रुप ने निवेशकों से उठाए, उनके बारे में कंपनी ना तो निवेशकों को कोई जानकारी दे सकी और ना ही पैसे कहां खर्च हुए हैं ये बता सकी। 2014 में सुब्रत रॉय को गिरफ्तार कर लिया गया और अभी वह जेल में हैं।



रामलिंग राजू

वहीं अगर बात करें रामलिंग राजू के फ्रॉड के बारे में तो राजू एक किसान परिवार से ताल्लुक रखता है। राजू ने सत्यम कंप्यूटर सर्विसेज शुरू करने से पहले कई चीजों में हाथ आजमाया, जैसे होटल, स्पिनिंग मिल और रियल एस्टेट, लेकिन कोई बात बनती नजर नहीं आई। राजू ने विजयवाड़ा के लॉयल कॉलेज से बीकॉम किया था और अमेरिका की ओहियो यूनिवर्सिटी से एमबीए की डिग्री हासिल की थी। राजू ने पहले स्पिनिंग मिल शुरू की, जिसका नाम उसने श्री सत्यम रखा था। बाद में ये कंपनी टेक्नोलॉजी कंपनी बन गई। यहीं से राजू ने झूठ का ताना-बाना बुनने का धंधा शुरू कर दिया।


7 जनवरी 2009 को सॉफ्टवेयर कंपनी सत्यम के शेयर अचानक 78 फीसदी गिर गए। रामलिंग राजू इसी कंपनी का संस्थापक और चेयरमैन था। राजू ने अपनी ही कंपनी में 7800 करोड़ रुपयों का घोटाला किया था, जबकि इसके चलते निवेशकों के करीब 14 हजार करोड़ रुपये डूब गए। अपनी गलतियों के चलते वो आज भी जेल में बंद है।

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