मर जाना मगर, ये बात किसी को मत बताना | चाणक्य नीति

दोस्तों अगर आप एक जॉब कर रहे हो। और वहां का मैनेजमेंट आपको बिल्कुल भी पसंद नहीं आया। या फिर आपका बॉस third class किसम का आदमी है। तो फिर आप क्या करोगे? सीधी से बात है। आप कुछ ही दिनों के अंदर। वह जॉब को चेंज कर दोगे। 



मगर वहीं दूसरी तरफ। अगर आपको किसी देश का प्राइम मिनिस्टर पसंद नहीं आया। तब क्या करोगे? ज्यादा से ज्यादा आप country चेंज कर दोगे! और सोशल मीडिया पर कुछ बुरा भला कहोगे।
 
लेकिन दोस्तों आपको यह जानकर हैरानी होगी। कि Achary Chanakya एक ऐसी इकलौती हस्ती थे। जिन्हें एक समय एक राजा पसंद नहीं आया था। क्योंकि राजा बुद्धिमान और समझदार लोगों का अपमान करता था। और वह खुद प्रजा का पालन करने की बजाय अपनी मस्ती में डूबा रहता था। 

तो Achary Chanakya ने country चेंज करने के बजाय। उस राजा को ही चेंज कर दिया था। जो कि अपने आप में एक बहुत बड़ी बात होती है। आज के समय में हम social media पे आराम से किसी भी leader का meme बना कर share कर सकते हैं।

परंतु उस काल में राजा के खिलाफ। एक भी अपशब्द बोलने वाले इंसान को बीच चौराहे पर सूली पर चढ़ा दिया जाता था। और ऐसी situation में रहकर भी एक राजा को परास्त करना। अपने आप में एक बहुत बड़ी बात होती है। 

सच में देखा जाए। तो उस समय पर चाणक्य के पास, कोई बड़ी सी सेना थी। न ही उनके पास कोई बहुत सारा धन, बदौलत था। जो वह राजा को हरा सके। लेकिन फिर भी उन्होंने अपने काम को सफलतापूर्वक पूरा किया। सिर्फ अपनी समझदारी और इतनी बुद्धिमता के दम पर। आज मैं आप को ऐसे प्राणी की लिखी हुई किताब।
चाणक्य नीति से कुछ ऐसी बातें बताऊंगा। 

जो आपको कभी भी किसी इंसान को मरते दम तक नहीं बतानी चाहिए। नहीं तो कुछ लोग आपकी ज़िन्दगी भी पूरी तरह से बर्बाद करके रख देंगे।

Achary Chanakya जी पहली चीज यह बताते हैं- 

कि सांप दुनिया का सबसे चतुर जानवर होता है। और इसी वजह से वह हमेशा झाड़ियों में छिप कर रहता है। वह ऐसा इसलिए करता है। क्योंकि सांप यह जानता है। कि उसके पास तेजी से भागने के लिए पैर नहीं है।

और ना ही दूर से आने वाले शिकारी को सटीकता से देखने के लिए उसके पास बड़ी बड़ी आंखें हैं। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि वह अपनी इस कमजोरी को दुनिया के सामने नहीं आने देता है। वह पैर ना होने के बावजूद भी हुए चलता है।

और अपनी आंखें के ठीक से काम न करने के बावजूद भी। वह अपनी जीभ से शिकार का पता लगाता है। और अपने स्वभाव से अपने आसपास के सभी की खबर रखता है। और कभी भी गलती से अपनी इस कमजोरी को दुनिया के सामने आने नहीं देता। 

क्योंकि सांप यह भली-भांति जानता है। कि उसका छुपा हुआ यह राज लोगों के सामने आ गया। तो यह लोग कभी उसे चैन से जीने नहीं देंगे। और लोगों के मन से उसका डर चुटकियों में खत्म हो जाएगा। जिसके बाद मनुष्य उसकी जान ही ले लेगा। 

तो दोस्तों यही चीज हम इंसानों के साथ भी होती है। जब हम भी अपने secret अपने छुपे हुए रहस्य। जब गलती से भी लोगों को बताते हैं। तब यह चोटी सी गलती हमारी जिंदगी को पूरी तरह से बर्बाद करके रख देती है। क्योंकि एक बार हमारे रहस्य दुनिया के सामने आ जाने के बाद। दुनिया वाले हर किसी तरह से हमारा फायदा उठाना ही चाहेंगे।

इसका परिणाम बहुत ही भयानक होता है। इसलिए दोस्तों Achary Chanaky हमें यह कहते हैं। कि अपने जीवन के राज कभी किसी को नहीं बताना चाहिए। यह बात ध्यान में रखनी है। कि हमें कभी भी अपने घर परिवार की गुप्त बातों को बाहर वालों के साथ नहीं करना चाहिए।

Achary Chanakya कहते हैं। कि घर परिवार की बातें घर में रहे उतना ही अच्छा है। अगर आप उसे बाहर वालों के साथ discuss करते हो। तो बाहर वाले आपके बातों को, आप की उस गलती को सुधारने के बजाय, जलती हुई आग में घी डालने का काम करते हैं। जो हमारे घर परिवार की खुशियों को जलाकर राख कर देती है।

दोस्त्तों जब राम को राज सिहासन मिलने वाला था। तब माता कैकेेई थोड़ी स परेशान थी। और इसी परेशानी में उन्होंने अपना मन हल्का करने के लिए। अपनी दिल की बात। उन की दासी मंथरा से कहीं। मगर शातिर दिमाग वाली मंत्रा कभी राज परिवार का भला चाहती ही नहीं थी। 

इसी वजह से उसने माता कैकेेई कि कानों में कड़वी बातों का कुछ ऐसा जहर भरा। की वजह से उनका हंसता खेलता परिवार बिल्कुल बर्बाद हो गया। और अपना पूरा परिवार बर्बाद होने के बाद माता कैकेई को यह एहसास हुआ। कि वह राम को बहुत ज्यादा प्रेम करती है। 

तभी उन्हें बनवास में नहीं भेजना चाहती थी। उनकी भावनाओं में कड़वा जहर मिलाया। और जब उन्हें सही और ग़लत का एहसास हुआ। तो उनका पूरा परिवार बर्बाद हो चुका था। तो इसलिए दोस्तों भूलकर भी अपने घर की बात बाहर वालों से मत करना। क्योंकि ऐसे नाजुक समय पर बाहर वाले लोग भी परिवार में जहर मिलते हैं। तो दोस्तों यह बात कभी मत भूलना।

दूसरी नीति में Achary Chanakya कहते हैं-

कि अगर आप चाहते हो। कि लोग आपकी इज्जत करें। और हमेशा आपसे सम्मान से बात करें। तो लोगों को अपने ऊपर निर्भर रहने पर मजबूर कर दो। और कभी भी बाहरी लोगों को अपनी काबिलियत और विद्वनता के बारे में कभी मत बताओ। 

क्योंकि तभी लोग तुम्हारी इज्जत करेंगे। जैसे कि पौराणिक काल में पूरे गांव में एक हकीम जी ही ऐसे इंसान होते थे। जिनके पास सभी बीमारियों का इलाज होता था। और चूंकि गांव में किसी भी इंसान को लोगों की बीमारी का इलाज करना नहीं आता था। 

तो गांव वाले हकीम जी को पूरे दिल से आदर और सम्मान देते हैं। ऐसा केवल इसलिए होता था। क्योंकि हकीम ही केवल एक ऐसे इंसान थे। जिनके अंदर लोगों की बीमारी को ठीक करने की एक अद्भुत शक्ति थी।

मगर जिस दिन हकीम जी ने गांव वालों को अपने सारे राज बता दिए। और उसकी बीमारी को ठीक करने के सारे रहस्य को बता दिए। तो उसी दिन के बाद से गांव वालों को हकीम जी की कभी कोई जरूरत पड़ेगी ही नहीं। 

और उसके बाद जो गांव वाले एक समय पर जिस व्यक्ति को भगवान का दर्जा देकर पूजते थे। वही लोग आज उनकी तरफ देखना तक पसंद नहीं करेंगे। क्योंकि अब उन्हें औषधि बनाने की काबिलियत की कोई जरूरत नहीं रहेगी। 


और दोस्तों यही चीज आपको corporate hall  में भी देने के लिए मिल जाएगी। जहां एक seniar इंसान 30 साल से एक कंपनी में ईमानदारी से काम कर रहा है। वहीं पर एक नया लड़का आकर उनसे उनके सारे काम करने के रहस्य जान ले। 

और वो लड़का काम करने की काबिलियत अगर 1 साल के अंदर-अंदर भी सीख गया। तो वह कंपनी का मालिक उस seniar इंसान को लात मारकर बाहर निकाल देगा। क्योंकि वह सीनियर इंसान अपनी काबिलियत पर experiance की वजह से महीने की 50000 सैलरी लेता था। 

मगर अब वही काबिलियत और काम करने के तरीके उस लड़के ने सीख लिए हैं। जो कि अब 10000 में भी वही काम करने के लिए तैयार है। इसलिए अब वह इमानदार इंसान को उस कंपनी के लिए। उसकी कोई जरूरत ना होने की वजह से निकाल दिया जाता है। 

इसलिए दोस्तों अगर आप चाहते हो। कि लोग आपकी और आपके काम करने की काबिलियत की इज्जत करें। तो अपनी काबिलियत और अपनी महत्ता को दूसरों के साथ शेयर मत करो। लोग आपकी तारीफ तभी करेंगे। जब तक लोगों को आपकी जरूरत होगी। नहीं तो अपनी प्यास बुझाने के बाद तो लोग, पानी देने वाले कुए को भी अपनी पीठ दिखाने में शर्म महसूस नहीं करते।

Achary Chanakya के मुताबिक कभी किसी को बिना मांगे कोई सलाह मत दो-

जी हां दोस्तों अगर आप चाहते हो। कि लोग आपकी कही हुई बातों को ध्यान से सुने। और उसकी इज्जत भी करें। तो दोस्तों कभी भी किसी को भी बिना मांगे सलाह मत दो। क्योंकि हम इंसान फ्री में मिली चीजों की कभी कोई वैल्यू नहीं करते। 

हम इंसान हमेशा ऐसी चीजों की बहुत ज्यादा कदर करते हैं। जो जीवन से हमें बहुत ज्यादा rarely देखने को मिलती है। जैसे कि कोई आदमी भीड़ भाड़ वाली जगह में रहता है। तो वह गांव जैसे जगह पर जाकर काफी अलग महसूस करेगा। उसे उस गांव की सुंदरता और शांत वातावरण से प्यार हो जाएगा। 

इसीलिए जब शहर में रहने वाले लोग। जब पहाड़ वगैरह में घूमने के लिए जाते हैं। तब उन्हें वहां पर सुकून महसूस होता है। अगर वहीं पर रहने वाले लोगों के लिए। वह जगह इतना ज़्यादा मायने नहीं रखता। क्योंकि उनके लिए तो वह नजारा रोज़ का है। 

इसलिए उन्हें कभी कुछ इतना सा फर्क नहीं पड़ता। मगर जब गांव के लोग शहर आते हैं। तब उन्हें शहर के वातावरण से लगाव हो जाता है। मगर लोग जब शहर की भीड़भाड़ वाली जगह में आते हैं। और काफी stress भरे जिंदगी में रहने लग जाते हैं। तब जाकर उन्हें गांव की उस सुंदरता पहाड़ और शांत वातावरण की असली कीमत की पहचान होती है। 

ठीक उसी तरह जब आप बिना मांगे किसी को सलाह देते हो। तो वो लोग कभी आपकी advise की कदर नहीं करेंगे। भले चाहे वह advise कितनी भी मूल्यवान क्यों ना हो। मगर जब सामने वाले इंसान को सच में उस एडवाइस की जरूरत होगी। और जब वह सामने से आकर आपसे advise मांग रहा होगा। 

तब जाकर आप उसकी मदद करो। क्योंकि तभी वह सामने वाला इंसान आपकी बातों की कदर भी करेगा। और पूरी इज्जत के साथ आपकी कही हुई। हर बात को फॉलो भी करेगा। 

जैसे दूध में नींबू की कुछ बूंदे डालते ही दूध फट जाता है। परंतु उसी दूध में कितनी भी खाद डालें। तो यह नहीं फटता। इसी प्रकार अपने जीवन में किसी भी व्यक्ति को स्थान देने से या उसके साथ मिलने मिलान  से पहले। 

उसके व्यवहार उसकी मंशा और उसकी प्रकृति को भलीभांति समझ लें। क्योंकि जिस तरह दूध में नींबू डालने से वो किसी काम का नहीं रहता वह फट जाता है। और वह अपना व्यक्तित्व ही त्याग देता है। 

ठीक उसी प्रकार गलत व्यक्ति का आपके जीवन में यदि प्रवेश हो जाता है। तो आप भी अपना व्यक्तित्व त्याग देंगे। और अपने मार्ग से भटक जाएंगे। और अपनी मंजिल नहीं प्राप्त कर पाएंगे। और इसका खामियाजा आपको वैसे ही चुकाना पड़ सकता है। जैसे नींबू में मिल कर  दूध ने चुकाया था। 

जिस तरह अनेकों नदियों का जल में समुद्र प्रवाहित होता है। लेकिन समुद्र अपना खारा पानी कभी भी नहीं त्यागता। ठीक उसी प्रकार भले ही आपकी लाइफ में कोई गलत आचरण वाला व्यक्ति आ जाए। परंतु आप अपने मार्ग से मत भटक जाइए। और अपने व्यक्तित्व को मत त्याग दीजिए।

तो दोस्तो यह थी। Achary Chanakya  द्वारा बताई गई। कुछ महत्वपूर्ण नीतियां थी। जो हमें कभी भी किसी के साथ भी शेयर नहीं करनी चाहिए। हमें हमेशा उसे छुपा करके रखना चाहिए। तो दोस्तों इन चार Achary Chanakya में से आप कौन सी नीति को अभी follow करने वाले हो। वह मुझे कमेंट करके जरूर बताएं।

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