NCC क्या है? NCC कैसे Join करें?

NCC की फुल फॉर्म “National Cadet Corps” होती है। NCC का हिन्दी में मतलब “राष्ट्रीय कैडेट कोर” होता है। NCC भारत का Military Cadet Corps है जो स्कूलों और कॉलेजों के छात्रों को बुनियादी सैन्य प्रशिक्षण प्रदान करता है। इसमें सेना, नौसेना और वायु सेना शामिल हैं। इसका उद्देश्य Students को अनुशासित और देशभक्त नागरिक बनाना है। इसका Headquarters दिल्ली में है और इसके निदेशालय भारत के विभिन्न राज्यों में स्थित हैं।

NCC के शिविर के कुछ नाम इस प्रकार हैं:-

  • ट्रेनिंग कैंप
  • ग्रुप कंपटीशन कैंप
  • सेना कैंप
  • सेना कैंप
  • सेना कैंप
  • स्लीपिंग कैंप
  • इंडिया ट्रैकिंग कैंप
  • ट्रेनिंग कैंप
  • इंडिया माउंटेन ट्रेनिंग कैंप
  • ट्रेनिंग कैंप

NCC Join करने के लिए अपने School या College के NCC अध्यापक से संपर्क करके NCC को Join कर सकते हैं। NCC Join करने के लिए आपका एक छोट्टा सा Physical Test होता है और इसके लिए आपको एक फॉर्म भी भरना होता है। उसके बाद आपकी NCC Training शुरू हो जायेगी, यदि आपके School या College में NCC कोर्स नहीं है, तो आप अपने आसपास के किसी भी स्कूल या कॉलेज में NCC Join कर सकते हो। NCC में 2 Division होती है First Junior Divison और Second Senior Division. इनमें से किसी एक Division को आपको आपकी उम्र और क्लास के अनुसार Join करना होता है।

NCC का इतिहास

भारत में NCC की स्थापना 1950 में हुई थी। इसे मूल रूप से ‘यूनिवर्सिटी कॉर्प्स’ के रूप में जाना जाता था। सन 1920 में जब भारतीय सीमा एक्ट पास हुआ तब भारत में विश्विद्यालय के छात्रों को सेना की तरफ आकर्षित करने की मुहिम शुरू की गई। इस मुहिम के तहत यूनिवर्सिटी कॉर्प्स बनाए गए। 

बाद में यूनिवर्सिटी कोप्स को और भी ज्यादा आकर्षित करने के लिए यूटीसी यानी कि यूनिवर्सिटी ट्रेनिंग कॉर्प्स का गठन किया गया। यह सेना के भारतीयकरण में एक महत्वपूर्ण कदम था। इसका नाम बदलकर यूओटीसी कर दिया गया ताकि राष्ट्रीय कैडेट कोर को इसका उत्तराधिकारी माना जा सके।

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द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान भारत ने ब्रिटिश को विश्व युद्ध में सहायता देने के लिए हामी भर दी थी और अपने सैन्य बलों को ब्रिटेन के हवाले कर दिया था। लेकिन यूओटीसी ब्रिटिश आकांक्षाओं पर खरा नहीं उतरा। जिस कारण यह सुझाव दिया गया कि अधिक युवा पुरुषों को बेहतर ढंग से प्रशिक्षित करने के लिए नई प्रणाली तैयार की जाए। 

एक समिति ने सलाह दी कि स्कूलों और कॉलेजों में एक राष्ट्रीय कैडेट संगठन की स्थापना की जाए। गवर्नर-जनरल ने सैनिक युवा फाउंडेशन अधिनियम को मंजूरी दी। सोल्जर यूथ फाउंडेशन की स्थापना जुलाई 1950 में हुई थी।

गर्ल्स डिवीजन 1949 में बनाया गया था। एयर विंग 1950 में बनाया गया था, जबकि नेवल विंग 1952 में जोड़ा गया था। एनसीसी पाठ्यक्रम के हिस्से के रूप में सामुदायिक सेवा गतिविधियों को शामिल करने के लिए उसी वर्ष एनसीसी पाठ्यक्रम का विस्तार किया गया था। 1962 में भारत-चीन युद्ध के बाद, 1963 में एनसीसी प्रशिक्षण अनिवार्य हो गया। इसके अलावा, 1968 में कोर को एक बार फिर स्वैच्छिक माना गया।

एनसीसी कैडेटों ने 1965 और 1971 के युद्धों के दौरान रक्षा की दूसरी पंक्ति के रूप में कार्य किया। एनसीसी ने आयुध कारखानों को अग्रिम पंक्ति में हथियार और गोला-बारूद की आपूर्ति करने में मदद करने के लिए शिविर लगाए। एनसीसी के गश्ती दल का इस्तेमाल दुश्मन के पैराट्रूपर्स को पकड़ने के लिए किया गया था। एनसीसी कैडेटों ने नागरिक सुरक्षा अधिकारियों के साथ भी सहयोग किया। वे बचाव और यातायात नियंत्रण कार्यों में भी सक्रिय रूप से भाग ले रहे थे।

एनसीसी पाठ्यक्रम को वर्ष 1971 के बाद अद्यतन किया गया था। पुन: डिज़ाइन किए गए एनसीसी पाठ्यक्रम ने नेतृत्व और अधिकारी जैसे लक्षणों को विकसित करने पर अधिक जोर दिया। एनसीसी कैडेटों द्वारा प्राप्त सैन्य प्रशिक्षण की राशि भी कम कर दी गई थी। समाज सेवा और युवा प्रबंधन को उच्च प्राथमिकता दी गई।

NCC Certificate के फायदे

  • राज्य और केंद्र सरकार की नियुक्तियों में एनसीसी कैडेट को मिलती है प्राथमिकता.
  • एनसीसी का ‘सी’ सर्टिफिकेट प्राप्त कैडेट्‍स के लिए इंडियन मिलेट्री एकेडमी (आईएमए) में 64 सीटें रिजर्व होती हैं.
  • एनसीसी बी या सी ‍सर्टिफिकेट प्राप्त कैडेट्‍स को शॉर्ट सर्विस कमीशन में ‘सीडीएस’ की लिखित परीक्षा नहीं देनी पड़ती.
  • आर्म्ड फोर्सेस और पैरामिलेट्री फोर्सेस में एनसीसी सी ‍सर्टिफिकेट धारी को विशेष छूट दी जाती है। कुछ सीटें उनके लिए रिजर्व होती हैं.
  • नेवी के हर कोर्स में 6 वेकेंसी और एयरफोर्स में 10 फीसद की छूट हर कोर्स में होती है.

NCC का लक्ष्य

  • एनसीसी का मुख्य लक्ष्य सेना को सहायता प्रदान करना है।
  • NCC का motto है – “एकता और अनुशासन” (unity and discipline); इस सिद्धांत को 12 Oct, 1980 को अपनाया गया था।
  • इसका उद्देश्य शसस्त्र सेना में आजीविका बनाने के लिए भी प्रेरित करना है।

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